Ziyarat E Nahiya In Hindi ((exclusive)) -
ज़ियारत-ए-नाहिया
(Ziyarat-e-Nahiya) इमाम महदी (अ.त.फ.) की ओर से वह विशेष ज़ियारत है जो आपने अपने शिया अनुयायियों के लिए निर्धारित की है ताकि वे करबला के शहीदों, विशेषकर इमाम हुसैन (अ.स.) की ज़ियारत कर सकें। इसे 'मुफाज्जल बिन उमर' के माध्यम से नस्ल के साथ प्राप्त हुआ है। इस ज़ियारत में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों के शहादत के दृश्यों का बड़ा ही भावुक और दिल दहला देने वाला वर्णन है।
इमाम का दर्द:
इसमें इमाम महदी (अतफ) की वह मशहूर पंक्ति आती है— "अगर ज़माना पीछे होता और मैं कर्बला में न हो सका, तो मैं सुबह-ओ-शाम आप पर आंसू बहाऊंगा और आंसुओं के बजाय खून रोऊंगा।" ziyarat e nahiya in hindi
अस-सलामु अलल हुसैनिल लज़ी समहत नफ़्सुहू बिमुहजतिही
(सलाम हो हुसैन पर, जिन्होंने अपना खून राह-ए-खुदा में कुर्बान कर दिया) ziyarat e nahiya in hindi
Reciting Ziyarat-e-Nahiya
Reciting this Ziyarat helps believers connect deeply with the tragedy of Karbala through the eyes of the current Imam. It emphasizes: ziyarat e nahiya in hindi